
जमानियां। जमानिया कोतवाली क्षेत्र के चौधरी मोहल्ले निवासी मंगरू की हत्या ने पूरे इलाके को गहरे सदमे में डाल दिया है। गरीबी से लड़ते हुए परिवार का सहारा बनने चेन्नई गए युवक की घर लौटते समय अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। इस दर्दनाक घटना ने एक गरीब परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।
बताया गया कि दूधनाथ का छोटा बेटा मंगरू परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए बीते 26 अप्रैल को मछली पालन का काम करने चेन्नई गया था। लेकिन वहां काम में मन नहीं लगने पर उसने घर लौटने का फैसला किया और 8 मई को ट्रेन से जमानियां के लिए रवाना हुआ। परिजनों को उम्मीद थी कि मंगरू सकुशल घर लौटेगा, मगर रविवार को डीडीयू स्टेशन की जीआरपी से उसकी मौत की खबर पहुंचते ही घर में कोहराम मच गया।
पति की हत्या की सूचना मिलते ही पत्नी सोनी बेसुध होकर गिर पड़ी। उसकी चीख-पुकार सुन पूरा मोहल्ला गमगीन हो उठा। छह और दो वर्ष की मासूम बेटियां अपने पिता का इंतजार करती रह गईं, जिन्हें यह भी ठीक से समझ नहीं कि उनके सिर से पिता का साया हमेशा के लिए उठ चुका है।
सोमवार की शाम जब मंगरू का शव जमानियां पहुंचा तो माहौल बेहद मार्मिक हो गया। नगर के बलुआ घाट पर नम आंखों के बीच उसका अंतिम संस्कार किया गया। सबसे हृदयविदारक पल तब आया जब बूढ़े पिता दूधनाथ ने कांपते हाथों से अपने जवान बेटे की चिता को मुखाग्नि दी। घाट पर मौजूद हर व्यक्ति की आंखें नम हो गईं।
मृतक के बड़े भाई अर्जुन और पिता दूधनाथ पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। मोहल्ले के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है कि आखिर दो वक्त की रोटी के लिए संघर्ष कर रहे एक गरीब और सीधे-सादे युवक की किसी से ऐसी क्या दुश्मनी थी कि उसकी जान ले ली गई




