
गाजीपुर। आबकारी आयुक्त उत्तर प्रदेश, प्रयागराज के निर्देशानुसार शनिवार को जिला आबकारी अधिकारी गाजीपुर की अध्यक्षता में सत्र 2025-26 के लिए सभी नए अनुज्ञापियों (शराब ठेकेदारों) की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला आबकारी अधिकारी ने ठेकेदारों को शराब दुकानों के संचालन के संबंध में सख्त दिशा-निर्देश दिए।
बैठक में बताया गया कि प्रतिभूति धनराशि को आबकारी नीति के तहत निर्धारित समय के भीतर जमा करना अनिवार्य होगा। देशी शराब दुकानों के वार्षिक कोटा की उठान एवं कंपोजिट दुकानों पर निर्धारित एम.जी.आर. (मिनिमम गारंटीड रेवेन्यू) का मासिक और त्रैमासिक लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए गए। पॉस (POS) मशीनों के माध्यम से शत-प्रतिशत बिक्री सुनिश्चित करने के साथ ही प्रत्येक दुकान पर ऑनलाइन पेमेंट की सुविधा उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। इसके अलावा नियमानुसार साइन बोर्ड लगाने के निर्देश भी दिए गए। जिला आबकारी अधिकारी ने बताया कि दिनांक 31 मार्च 2025 की रात 10 बजे के बाद सभी पुराने अनुज्ञापियों को अपनी पॉस मशीनें क्षेत्रीय आबकारी निरीक्षकों को जमा करनी होंगी। इसके बाद रात 12 बजे से नव अनुज्ञापियों को नई पॉस मशीनें उपलब्ध करा दी जाएंगी। बैठक में नव आवंटियों को विशेष रूप से हिदायत दी गई कि किसी भी प्रकार के अवैध कार्य में संलिप्त न हों। उन्हें आगाह किया गया कि रातोंरात करोड़पति बनने के लालच में किसी भी तरह का अनैतिक कार्य न करें। सरकार द्वारा निर्धारित मार्जिन मनी/लाभ में संतोष कर नियमानुसार दुकान संचालन करने की सलाह दी गई। जिला आबकारी अधिकारी ने चेतावनी दी कि आबकारी अधिनियम की धारा 60-क के तहत अवैध गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वयं अनुज्ञापी की होगी। सभी नव आवंटियों के लिए सोमवार और मंगलवार को पॉस मशीन के उपयोग और बिक्री प्रक्रिया से संबंधित प्रशिक्षण भी आयोजित किया जाएगा। अंत में आबकारी अधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी शराब की दुकानें हाइवे से 220 मीटर तथा मंदिर, विद्यालय आदि से नियमानुसार निर्धारित दूरी पर ही संचालित की जानी चाहिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।