Skip to content
Ghazipur News

Ghazipur News

Primary Menu
  • खबर ⁄ समाचार
    • अपराध
    • घटना / दुर्घटना
    • धरना प्रदर्शन
    • समस्या
    • कार्यक्रम / बैठक / गोष्‍ठी ⁄ शिविर
    • साहित्य एवं कला
    • खेत खलिहान
    • सूचना
  • खेल–कूद
  • स्वास्थ्य
    • कोरोना
  • राजनीति
  • धर्म ⁄ ज्योतिष
  • वीडियो
  • हमारे बारे में
    • गोपनीयता नीति
    • संपर्क करें
  • कार्यक्रम / बैठक / गोष्‍ठी ⁄ शिविर

वृद्धजन अपने संतान से भरण-पोषण की कर सकते है मांग

ब्यूरो 17-07-2021

शेयर करें:

  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on X (Opens in new window) X
  • Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
  • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
khabarimg

गाजीपुर। उ0प्र0 राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वाधान में तथा प्रशांत मिश्र, जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, गाजीपुर के आदेशानुसार 16.07.2021 को वृद्धजन आवास/वृद्धाश्रम, महुआबाग, गाजीपुर का निरीक्षण तथा वरिष्ठ नागरिको के अधिकार विषय पर विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।

सचिव, द्वारा वृद्धाश्रम गाजीपुर में रह रहे वरिष्ठ नागरिको से उनकी समस्याओं के बारे में बताया। सचिव द्वारा कन्या भ्रूण हत्या एवं लिंग निर्धारण प्रतिक्रिया पर तथा प्रबन्धक वृद्धाश्रम, गाजीपुर को Maintenance and wefare of Parents and Senior Citizen’s Act 2007 के सम्बन्ध में विधिक रूप से जागरूक किया गया। सचिव द्वारा बताया गया कि कोई भी वृद्ध जन अपने संतान, पुत्र, पौत्र, दत्तक पुत्र, पुत्री अपने सौतेले संतान से अपने जीविका को चलाने के लिए, अपनी जीवन चर्या के अनुरूप भरण-पोषण की मांग कर सकते है। इसके लिए प्रार्थना पत्र उपजिलाधिकारी के यहां स्वयं या किसी संस्था के माध्यम से या ट्रिबुनल स्वतः संज्ञान लेकर, इसके संबंध में कार्यवाही कर सकती है। भरण-पोषण अधिकारी इस हेतु माता-पिता का प्रतिनिधित्व करते है। संतान को दोषी पाये जाने पर ट्रिबुनल उन्हे तीन माह कारावास या 5000 रूपये जुर्माना या दोनों की सजा सुना सकती है। ये अपराध संज्ञेय एवं जमानतीय होते है। मुकदमा लम्बित रहने के दौरान ट्रिबुनल अंतरिम भरण-पोषण का आदेश कर सकती है और व्यतिक्रम पर रकम की वसूली वारण्ट से करा सकती है और जुर्माना नहीं चुकाने पर एक माह कैद की सजा या जब तक जुमनि की रकम अदा नहीं करते, तब तक क्रमशः इस सजा को भदल सकती है। इस अधिनियम के तहत 10 हजार रूपये त भरण- पोषण की रकम दिलायी जा सकती है। उपजिलाधिकारी के आदेश से व्यथित माता-पिता, वरिष्ठ नागरिक जिलाधिकारी के यहां 60 दिन के भीतर अपील कर सकता है। यदि कोई संतानहीन वरिष्ठ नागरिक है तो वह अपने उस संबंधी से जो उसकी मृत्यु के बाद उसकी सम्पत्ति प्राप्त करेगा, उस पर भरण-पोषण का वाद ला सकता है। सचिव द्वारा वरिष्ठ नागरिकों से कोविड-19 से बचाव हेतु वैक्सीन लगवाने हेतु प्रेरित किया गया। इस अवसर पर ज्योत्सना सिंह, प्रबन्धक वृद्धजन आवास/वृद्धाश्रम, महुआबाग, गाजीपुर में रह रहे वरिष्ठ नागरिक व कार्यालय के कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

About the Author

ब्यूरो

Editor

गाजीपुर जनपद में हो रही गतिविधियों को आपके सामने लाने का प्रयास है।

Visit Website View All Posts

Post navigation

Previous: वृद्धाश्रम में विधिक जागरूकता शिविर का हुआ आयोजन
Next: जिला समन्वय समिति की बैठक 19 को

संबंधित खबरें

IMG-20250617-WA0007.jpg
  • कार्यक्रम / बैठक / गोष्‍ठी ⁄ शिविर

प्रतिभाओं का हुआ भव्य सम्मान, मेधावियों ने बढ़ाया जिले सहित क्षेत्र का मान

विशेष संवाददाता 17-06-2025 0
PHOTO--1 (3)
  • कार्यक्रम / बैठक / गोष्‍ठी ⁄ शिविर

कर-करेत्तर व राजस्व कार्यों की समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने दिए सख्त निर्देश

विशेष संवाददाता 11-06-2025 0
PHOTO--2 (3)
  • कार्यक्रम / बैठक / गोष्‍ठी ⁄ शिविर

महिला उत्पीड़न मामलों की सुनवाई हेतु गाजीपुर पहुंचीं राज्य महिला आयोग की सदस्य, 21 मामलों का लिया संज्ञान

विशेष संवाददाता 11-06-2025 0

शायद आपने नहीं देखा

khabarimg
  • खबर ⁄ समाचार

Как выбрать спортивные события для пенсионеров в БК Мосбет?

08-03-2026 0
khabarimg
  • खबर ⁄ समाचार

Mostbet PL: Najlepsze wskazówki dla udanego hazardu online

06-03-2026 1
khabarimg
  • खबर ⁄ समाचार

Официальный Сайт Pinco Casino Вход и Зеркало 4590 2 Ministère De La Santé Publique

02-03-2026 0
khabarimg
  • खबर ⁄ समाचार

Учимся у опытных игроков в 1хбет казино

24-02-2026 0
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.