Skip to content
Ghazipur News

Ghazipur News

Primary Menu
  • खबर ⁄ समाचार
    • अपराध
    • घटना / दुर्घटना
    • धरना प्रदर्शन
    • समस्या
    • कार्यक्रम / बैठक / गोष्‍ठी ⁄ शिविर
    • साहित्य एवं कला
    • खेत खलिहान
    • सूचना
  • खेल–कूद
  • स्वास्थ्य
    • कोरोना
  • राजनीति
  • धर्म ⁄ ज्योतिष
  • वीडियो
  • हमारे बारे में
    • गोपनीयता नीति
    • संपर्क करें
  • कार्यक्रम / बैठक / गोष्‍ठी ⁄ शिविर

देश समाज में जब जब संकट आया तब तब संतों ने…

विशेष संवाददाता 05-12-2021
khabarimg

सुशील कुमार गुप्ता की रिपोर्ट

मतसा। सब्बलपुर गांव के रामलीला मैदान में धनुष यज्ञ मेला के आयोजन में तीन दिवसीय श्रीराम कथा में गृहस्थ संत बुच्चा जी ने कहा कि देश समाज में जब-जब संकट आया है, अत्याचार, अनाचार, भ्रष्टाचार बढ़ता और धर्म,जप तप यज्ञ इत्यादि का हो पाना मुश्किल हो जाता है। तब- तब कोई न कोई संत राष्ट्र रक्षा,धर्म रक्षा के उद्देश्य से चिंतित होकर नौजवानों और समाज के अन्याय लोगों को जागरूक किया करता ही है।त्रेतायुग में जब राक्षसों का अत्याचार बहुत ज्यादा बढ़ गया फिर भी दशरथ जैसे नरेश जो कि देवासुर संग्राम में देवताओं की सहायता के लिए युद्ध किया करते थे। वह भी अपने परिवार और पुत्र की ममता में फंसकर अपने राष्ट्र के नागरिकों के हित संरक्षण में असफल होते हैं। ऐसे में एक संत विश्वामित्र ने देश समाज की चिंता किया और  परिवार एवं पुत्र की मोह में फंसे राजा से उनके पुत्रों राम लक्ष्मण को यज्ञ रक्षा हेतु मांग कर ताड़का सुबाहु और मारीच आदि राक्षसों का वध कराकर राक्षसी प्रवृत्ति वालों को संदेश दिया कि संत केवल भजन कीर्तन ही नहीं अपितु जरुरत पड़ने पर राक्षस विध्वंस यज्ञ भी कर सकते हैं। इस प्रसंग का दूसरा तात्पर्य यह भी है कि जिस देश की सरहदों पर कठिन शीत ताप को सहते हुए सैनिक आतंकवादी तत्वों से लड़ते-लड़ते  अपना प्राण देश के लिए न्योछावर करते हैं तो देश के शासक औपचारिक रूप से संवेदना व्यक्त कर तो देते हैं लेकिन किसी अपने को खोने की पीड़ा कैसी होती है, उन्हें महसूस नहीं होता।जब सांसद, विधायक, मंत्री और अन्यान्य उच्च पदस्थ राजनीतिक एवं प्रशासनिक अधिकारियों के अपने बच्चे या परिजन भी आतंकवादियों, नक्सलियों तथा अन्य उपद्रवी तत्वों के सामने लड़ने के लिए जाएंगे। तब जाकर सही मायने में राक्षसी प्रवृत्ति के खिलाफ लड़ने वालों की कठिनाईयों को शासक वर्ग समझेगा। आयोजन में भागवताचार्य चंद्रेश महाराज, राधेश्याम चौबे, कैलाश यादव एवं विनोद श्रीवास्तव ने भी कथा अमृत पान कराया।

Post navigation

Previous: व्यक्त किया गया शोक
Next: देर रात गांव पहुंचेगा शव

संबंधित खबरें

4 (2)
  • कार्यक्रम / बैठक / गोष्‍ठी ⁄ शिविर

सत्यम इंटरनेशनल स्कूल में धूमधाम से मनी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों ने मोहा मन

विशेष संवाददाता 03-09-2026
0 (2)
  • कार्यक्रम / बैठक / गोष्‍ठी ⁄ शिविर

एसआरएनएसएस पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, नन्हे-मुन्नों ने मोहा मन

विशेष संवाददाता 03-09-2026
01
  • कार्यक्रम / बैठक / गोष्‍ठी ⁄ शिविर

सनशाइन पब्लिक स्कूल में हर्षोल्लास से मनी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों ने मोहा मन

विशेष संवाददाता 03-09-2026

शायद आपने नहीं देखा

4 (2)
  • कार्यक्रम / बैठक / गोष्‍ठी ⁄ शिविर

सत्यम इंटरनेशनल स्कूल में धूमधाम से मनी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, राधा-कृष्ण के रूप में सजे बच्चों ने मोहा मन

विशेष संवाददाता 03-09-2026
0 (2)
  • कार्यक्रम / बैठक / गोष्‍ठी ⁄ शिविर

एसआरएनएसएस पब्लिक स्कूल में धूमधाम से मनी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, नन्हे-मुन्नों ने मोहा मन

विशेष संवाददाता 03-09-2026
01
  • कार्यक्रम / बैठक / गोष्‍ठी ⁄ शिविर

सनशाइन पब्लिक स्कूल में हर्षोल्लास से मनी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, राधा-कृष्ण की मनमोहक झांकियों ने मोहा मन

विशेष संवाददाता 03-09-2026
4
  • कार्यक्रम / बैठक / गोष्‍ठी ⁄ शिविर

ब्लॉसम एकेडमिक स्कूल में धूमधाम से मनी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने मोहा मन

विशेष संवाददाता 03-09-2026
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.