Skip to content
Ghazipur News

Ghazipur News

Primary Menu
  • खबर ⁄ समाचार
    • अपराध
    • घटना / दुर्घटना
    • धरना प्रदर्शन
    • समस्या
    • कार्यक्रम / बैठक / गोष्‍ठी ⁄ शिविर
    • साहित्य एवं कला
    • खेत खलिहान
    • सूचना
  • खेल–कूद
  • स्वास्थ्य
    • कोरोना
  • राजनीति
  • धर्म ⁄ ज्योतिष
  • वीडियो
  • हमारे बारे में
    • गोपनीयता नीति
    • संपर्क करें
  • स्वास्थ्य

मीजल्स-रूबेला से बचाव पर कार्यशाला आयोजित

ब्यूरो 09-07-2021

शेयर करें:

  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on X (Opens in new window) X
  • Share on LinkedIn (Opens in new window) LinkedIn
  • Share on Telegram (Opens in new window) Telegram
  • Share on WhatsApp (Opens in new window) WhatsApp
IMG-20210709-WA0017

गाजीपुर। बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली खसरा और रूबेला जैसी गंभीर बीमारी से निपटने को स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से तैयार है। मीजल्स-रूबेला (एमआर) बीमारी से निपटने के लिए सभी बच्चों को मुफ्त में एमआर का टीका लगाया जा रहा है, जिससे वायरस के दुष्परिणाम से बचा जा सके। पोलियो मुक्त भारत की तरह अब खसरा मुक्त भारत के लिए साल 2023 के लक्ष्य पर काम चल रहा है। इसी को लेकर गुरुवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय के सभागार में दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ गिरीश चंद्र मौर्य की अध्यक्षता में किया गया। इस कार्यशाला के मुख्य वक्ता डब्ल्यूएचओ के प्रभारी एसएमओ डॉ नकीब थे।

डॉ नकीब ने बताया कि खसरा को आम तौर पर छोटी माता के नाम से भी जाना जाता है। यह अत्यधिक संक्रामक होता है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने और छींकने से यह बीमारी फैलती है। इसमें निमोनिया, डायरिया व दिमागी बुखार होने की संभावना बढ़ जाती है। चेहरे पर गुलाबी-लाल चकत्ते, तेज बुखार, खांसी, नाक बहना व आंखें लाल होना इस बीमारी के लक्षण हैं। रूबेला गर्भावस्था के दौरान होने वाला संक्रमण है। संक्रमित माता से जन्मे शिशु को ग्लूकोमा, मोतियाबिंद, बहरापन, मंद बुद्धि व दिल की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। रूबेला से गर्भपात, समय पूर्व प्रसव व गर्भ में बच्चे की मौत भी हो सकती है। आगे उन्होंने बताया कि एक बार जब वायरस शरीर में चला जाता है तो संक्रमण पूर्णतया नाक, सांस की नली और फेफड़ों, त्वचा और शरीर के अन्य अंगों में फैलता है। खसरे के साथ एक व्यक्ति लक्षण शुरू होने के एक से दो दिन पहले से लेकर बड़े लाल दाने (ददोरा) प्रकट होने के चार दिन बाद तक दूसरों तक खसरा फैला सकता है। खसरा आम तौर पर औसत दर्जे की बीमारी का कारण बनता है। छोटे बच्चों में, जटिलताओं में मध्य कान का संक्रमण (ओटिटिस मीडिया), निमोनिया, क्रूप और दस्त शामिल हैं। वयस्कों मेंभी बीमारी की और भी गंभीर होने की संभावना हो जाती है। पुराने रोगियों के लिए खसरे से संबंधित न्यूमोनिया के लिए अस्पताल के इलाज की आवश्यकता असामान्य नहीं है। खसरा के वायरस से ददोरा, खांसी, नाक का बहना, आंखों में जलन और तेज बुखार होता है। इसके साथ ही कानों में संक्रमण, निमोनिया, बच्चों को झटके आना, घूरती आंखे, दिमाग को नुकसान और अंत में मौत तक हो जाती है।
इस अवसर पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ उमेश कुमार ने बताया कि मीजल्स-रूबेला गंभीर और जानलेवा बीमारी होती है, लेकिन इसकी रोकथाम टीकाकरण के जरिए की जा सकती है। यह वैक्सीन बच्चों को तीन बीमारियों खसरा, रूबेला रोग से बचाती है। खसरे का असरकारी टीका देश में काफी सालों से उपलब्ध है। इसके बावजूद खसरा छोटे बच्चों की मृत्यु का एक प्रमुख कारण बना हुआ है। यह सबसे अधिक संक्रामक बीमारियों में से एक है। इसके वायरस के संपर्क में आने से कई गैर-प्रतिरक्षक बच्चे इस श्वसन संबंधी बीमारी का शिकार हो जाते हैं। खसरा पैरामाइक्सोवाइरस परिवार के एक वायरस के कारण एक तेजी से फैलने वाली घातक बीमारी है। खसरे के लक्षण कई बार इतने सामान्‍य होते हैं कि यह बीमारी पकड़ में ही नहीं आती। खासतौर पर बच्‍चों में इस बीमारी के लक्षणों की पहचान कर पाना कई बार बहुत ही मुश्किल हो जाता है। इस बीमारी के लक्षण फौरन पकड़ में भी नहीं आते। वायरस के हमले के करीब दो से तीन हफ्ते के बाद ही इस बीमारी की पहचान सम्‍भव हो पाती है। इसके लक्षण दो से तीन दिन तक रहते हैं

खसरा की पहचान – खसरा किसी भी परिवार में फैल सकता है। कफ, काराईजा और कन्जक्टिवाइटिस मुख्‍य रूप से इसकी पहचान होते हैं। मुंह में तालू पर सफेद धब्बे भी नजर आते हैं। यह श्वसन से फैलने वाली बीमारी है और संक्रमित व्यक्ति के मुंह और नाक से बहते द्रव के सीधे या व्यक्ति के संपर्क क्षेत्र में आने से होती है।

इस कार्यशाला में जनपद के सभी स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधिकारी के साथ ही एसीएमओ डॉ केके वर्मा और डॉ डीपी सिन्हा मौजूद रहे।

About the Author

ब्यूरो

Editor

गाजीपुर जनपद में हो रही गतिविधियों को आपके सामने लाने का प्रयास है।

Visit Website View All Posts

Post navigation

Previous: सचिव ने जिला कारागार का किया वर्चुअल निरीक्षण
Next: सपा समर्थित प्रत्याशी मनीषा कुशवाहा ब्लाक प्रमुख निर्वाचित

संबंधित खबरें

khabarimg
  • खबर ⁄ समाचार
  • स्वास्थ्य

ईयरफोन-ईयरप्लग युवाओं की सुनने की क्षमता पर डाल रहे बुरा असर, टीनिटस का भी खतरा

ब्यूरो 17-05-2025 0
IMG-20250423-WA0011.jpg
  • खबर ⁄ समाचार
  • सूचना
  • स्वास्थ्य

24 अप्रैल से 10 मई तक मनया जाएगा विश्व टीकाकरण सप्ताह

ब्यूरो 23-04-2025 0
IMG-20250423-WA0014
  • खबर ⁄ समाचार
  • स्वास्थ्य

24 अप्रैल से 10 मई तक मनाया जाएगा विश्व टीकाकरण सप्ताह

अनिल कुमार 23-04-2025 0

शायद आपने नहीं देखा

khabarimg
  • खबर ⁄ समाचार

Как выбрать спортивные события для пенсионеров в БК Мосбет?

08-03-2026 0
khabarimg
  • खबर ⁄ समाचार

Mostbet PL: Najlepsze wskazówki dla udanego hazardu online

06-03-2026 1
khabarimg
  • खबर ⁄ समाचार

Официальный Сайт Pinco Casino Вход и Зеркало 4590 2 Ministère De La Santé Publique

02-03-2026 0
khabarimg
  • खबर ⁄ समाचार

Учимся у опытных игроков в 1хбет казино

24-02-2026 0
Copyright © All rights reserved. | MoreNews by AF themes.