जमानिया। रेवतीपुर ब्लॉक क्षेत्र के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीकों से सुसज्जित करने के उद्देश्य से शासन ने ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ चलाने का निर्णय लिया है। इस महत्वाकांक्षी अभियान के माध्यम से न्याय पंचायत स्तर पर किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने, उन्नत फसल प्रबंधन और सतत विकास के प्रति जागरूक किया जाएगा।
कृषि विभाग के अधिकारी व कर्मचारी इस अभियान को सफल बनाने की तैयारियों में जुटे हैं। अभियान को दो चरणों में, 8 और 9 जून को आयोजित किया जाएगा, जिसमें ब्लॉक की आठ न्याय पंचायतें – सुहवल, ताड़ीघाट, डेढ़गवां, रेवतीपुर, अठहठा, नगसर, गोंहदा और नौली – शामिल होंगी। इसके लिए शासन की ओर से नोडल अधिकारियों की भी तैनाती कर दी गई है। एडीओ (एजी) सोहन कुमार पटेल ने बताया कि ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत ‘लैब टू लैंड’ कार्यक्रम को बढ़ावा दिया जाएगा, जिसमें वैज्ञानिकों की टीम किसानों को सीधे खेतों में जाकर आधुनिक तकनीकों की जानकारी देगी। साथ ही खेती में आ रहे बदलावों के अनुरूप किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। पटेल ने बताया कि बीते दशकों में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोधों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। वहीं, प्रगतिशील किसानों ने भी अपने स्तर पर नए-नए प्रयोग कर कृषि उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की है। ‘विकसित कृषि संकल्प अभियान’ का लक्ष्य किसानों को इन सफल प्रयोगों से अवगत कराते हुए उनकी उत्पादन क्षमता को बढ़ाना है। ब्लॉक क्षेत्र की 46 ग्राम पंचायतों में लगभग 20 हजार पंजीकृत किसान हैं, जो 24 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं, चना, अरहर, धान, मटर, मसूर, सरसों, आलू, केला सहित विभिन्न फसलों की खेती करते हैं। इस अभियान के जरिए इन किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों, बीजों के सही चयन, मिट्टी परीक्षण, जैविक खेती और विपणन तकनीकों की विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि यह अभियान किसानों की आय बढ़ाने और खेती को अधिक लाभकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
