
जमानिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और जिला पंचायत राज अधिकारी (डीपीआरओ) के साथ कथित नोकझोंक को लेकर भाजपा जिला महामंत्री विष्णु प्रताप सिंह ने जमानिया में बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि पूरा मामला एक सफाईकर्मी के तीन माह से रुके वेतन और उसकी समस्या को लेकर अधिकारियों के समक्ष आवाज उठाने से जुड़ा है।
विष्णु प्रताप सिंह ने बताया कि भाजपा कार्यालय पर मरदह क्षेत्र का एक सफाईकर्मी पार्टी नेता मनोज सिंह के साथ आया था। सफाईकर्मी ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि उसका तीन महीने से वेतन रुका है और वह अपने बच्चे की फीस तक जमा नहीं कर पा रहा है। इसके बाद उन्होंने सफाईकर्मी की समस्या के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों से निवेदन किया।
उन्होंने बताया कि सफाईकर्मी ने अपने पेरोल पर ग्राम प्रधान के हस्ताक्षर होने की बात कही थी। उसके अनुसार हस्ताक्षर की प्रति एडीओ पंचायत को भी जमा कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा था। सफाईकर्मी ने एडीओ पंचायत पर 20 हजार रुपये मांगने का आरोप लगाया था। विष्णु सिंह ने कहा कि सफाईकर्मी द्वारा लगाए गए आरोपों से संबंधित वीडियो भी सामने आया है।
वायरल वीडियो में वरिष्ठ नेताओं के नाम का उल्लेख किए जाने को लेकर विष्णु सिंह ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने पूर्व केंद्रीय मंत्री महेंद्र नाथ पांडेय और पूर्व राज्यपाल कलराज मिश्र के प्रति किसी भी प्रकार की अमर्यादित भाषा का प्रयोग नहीं किया। उन्होंने कहा कि बातचीत के संदर्भ को तोड़-मरोड़कर पेश किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे अधिकारियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि ग़ाज़ीपुर में दो-दो बार स्थानांतरण के बाद भी जमे हुए हैं और कार्यालय को भ्रष्टाचार का अड्डा बना रखा है।
विष्णु सिंह ने कहा कि जनसमस्याओं को लेकर आवाज उठाना जनप्रतिनिधि का दायित्व है। उन्होंने कहा कि यदि किसी के स्वाभिमान को ठेस पहुंचने पर ऊंची आवाज में अपनी बात रखना धमकी माना जाता है तो इस पर वह क्या कह सकते हैं। उन्होंने दोहराया कि वायरल वीडियो के आधार पर लगाए जा रहे आरोप भ्रामक हैं और वह पूरे मामले की सच्चाई सामने रखने के लिए हर स्तर पर अपना पक्ष रखने को तैयार हैं।



