
गाजीपुर। जनपद में 1 अप्रैल 2025 से विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 10 अप्रैल 2025 से दस्तक अभियान का संचालन किया जाएगा। इसको लेकर जिलाधिकारी आर्यका अखौरी की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में प्रथम अंतर्विभागीय समन्वय बैठक आयोजित हुई।
बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि डेंगू, मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, कालाजार, फाइलेरिया जैसी संचारी बीमारियों के साथ-साथ लू से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग समेत अन्य विभागों के समन्वय से अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि सफाई व्यवस्था, लार्वीसाइडल स्प्रे, फॉगिंग, खराब इंडिया मार्क-2 हैंडपंप की मरम्मत, उथले हैंडपंपों के चिन्हीकरण, नालियों व तालाबों की सफाई और सड़कों के किनारे खरपतवार/झाड़ियों की कटाई का कार्य कराया जाए।
नगर पालिका एवं नगर पंचायतों को निर्देश दिया गया कि माइकिंग के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाए और झुग्गी-झोपड़ी एवं स्लम इलाकों में विशेष सफाई अभियान चलाया जाए।
मुख्य विकास अधिकारी संतोष कुमार वैश्य ने बताया कि इस अभियान में संचारी रोगों के अलावा टीबी, कुष्ठ, कालाजार और फाइलेरिया जैसी बीमारियों के लक्षणयुक्त मरीजों को भी चिन्हित किया जाएगा। दस्तक अभियान के तहत आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ता घर-घर जाकर लोगों को संचारी रोगों के प्रति जागरूक करेंगी और लक्षणयुक्त मरीजों का संपूर्ण विवरण ई-कवच पोर्टल पर अपलोड करेंगी।
मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील पांडेय ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग इस अभियान का नोडल विभाग होगा और इसमें नगर विकास, पंचायती राज, पशुपालन, महिला एवं बाल विकास, शिक्षा, दिव्यांगजन कल्याण, कृषि एवं सिंचाई विभागों के सहयोग से कार्य किया जाएगा।
जिला मलेरिया अधिकारी ने बताया कि सभी नागरिक अपने घरों के आसपास जलजमाव न होने दें, कूलर, गमले, मटके, टब आदि का पानी नियमित रूप से बदलें। रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल या लार्वा नाशक रसायन डालें, मच्छरदानी का प्रयोग करें और पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनें।
उन्होंने कहा, “हर रविवार मच्छर पर वार, लार्वा पर प्रहार” का संदेश जन-जन तक पहुंचाएं और संचारी रोगों से बचाव के लिए सतर्कता बरतें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी भू/रा आयुष चौधरी, जिला विकास अधिकारी सुभाष चंद्र सरोज, प्रधानाचार्य मेडिकल कॉलेज आनंद मिश्रा, डीपीआरओ अंशुल मौर्य, डीपीओ (आईसीडीएस), अधिशासी अधिकारी नगर निकाय समेत अन्य विभागों के अधिकारी, स्वास्थ्यकर्मी और सहयोगी संस्थाओं के प्रतिनिधि मौजूद रहे।