जमानिया। नगर पालिका परिषद जमानिया में विकास कार्यों के लिए शासन से करोड़ों की धनराशि जुटाने की कवायद अब सियासी टकराव में बदलती नजर आ रही है। एक ओर एमएलसी विशाल सिंह चंचल के प्रतिनिधि डॉ. प्रदीप पाठक ने नगर पालिका अध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता समेत अन्य लोगों पर एमएलसी के नाम से कथित फर्जी लेटरपैड और हस्ताक्षर के जरिए कूटरचित दस्तावेज तैयार करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है, तो दूसरी ओर चेयरमैन जयप्रकाश गुप्ता ने इसे फर्जी मुकदमे में फंसाने की साजिश करार देते हुए मोर्चा खोल दिया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब दोनों पक्ष एक ही राजनीतिक दल भाजपा से जुड़े हैं, तो आखिर विकास की फाइलों से निकला विवाद थाने और धरना स्थल तक कैसे पहुंच गया? आरोपों की सच्चाई जांच का विषय है, लेकिन इस पूरे घटनाक्रम ने स्थानीय भाजपा की अंदरूनी खींचतान को जरूर सार्वजनिक कर दिया है।
चेयरमैन के समर्थन में तहसील मुख्यालय स्थित रामलीला मैदान में क्रमिक धरना-प्रदर्शन दूसरे दिन भी जारी रहा। प्रदर्शनकारियों ने न्याय और निष्पक्ष जांच की मांग उठाते हुए आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल कर चेयरमैन को निशाना बनाया जा रहा है।
अब मामला केवल कथित फर्जी दस्तावेजों के आरोप तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि सियासी प्रतिष्ठा की लड़ाई बनता दिखाई दे रहा है। पुलिस जांच में यदि दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं तो कार्रवाई की तलवार आरोपियों पर लटक सकती है और यदि आरोप बेबुनियाद साबित होते हैं तो शिकायत की मंशा पर भी सवाल उठेंगे।
फिलहाल जमानिया की सियासत में सवाल एक ही—विकास की रकम के बहाने शुरू हुआ विवाद आखिर किसके लिए बनेगा राजनीतिक संकट?






